तीन वर्षों से समिति का गठन लंबित, हजारों पत्रकारों की मान्यता प्रक्रिया अटकी: राजीव निशाना
नई दिल्ली,राजधानी दिल्ली में पत्रकारों की सरकारी मान्यता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर आवाज उठी है। इंडियन मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन (इम्वा) ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर पत्रकार सत्यापन समिति (जर्नलिस्ट वेरिफिकेशन कमेटी) का जल्द से जल्द गठन करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों से समिति का गठन नहीं होने के कारण हजारों पत्रकारों की मान्यता और सत्यापन प्रक्रिया लंबित पड़ी हुई है।
इम्वा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव निशाना ने अपने पत्र में कहा है कि वर्ष 2023 से तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान पत्रकार सत्यापन समिति का गठन नहीं हो पाया। इसके बाद भी समिति का पुनर्गठन नहीं किया गया, जिससे पत्रकारों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त करने के लिए पिछले तीन वर्षों में हजारों पत्रकारों ने आवेदन किए हैं। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और मापदंडों के अनुरूप अनेक आवेदकों ने पुलिस सत्यापन सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली हैं। इसके बावजूद पत्रकार सत्यापन समिति के अभाव में उनके आवेदन लंबित पड़े हैं और सत्यापन की अंतिम प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
राजीव निशाना ने कहा कि पत्रकार सत्यापन समिति सरकार और मीडिया के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती है। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सरकारी मान्यता उन्हीं पत्रकारों को मिले जो निर्धारित मानकों को पूरा करते हों। समिति के गठन में लगातार हो रही देरी के कारण न केवल नए पत्रकारों को मान्यता मिलने में परेशानी हो रही है, बल्कि पहले से लंबित मामलों का भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आयोगों और समितियों का समय-समय पर गठन कर रही है, लेकिन पत्रकारों से संबंधित इस महत्वपूर्ण समिति का अब तक गठन नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक संस्थागत व्यवस्था का सक्रिय होना जरूरी है।
इम्वा अध्यक्ष ने उपराज्यपाल से आग्रह किया कि राजधानी के पत्रकारों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ एवं अनुभवी पत्रकारों को शामिल कर पत्रकार सत्यापन समिति का शीघ्र पुनर्गठन कराया जाए। उन्होंने कहा कि समिति के गठन से लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण संभव होगा और योग्य पत्रकारों को समय पर सरकारी मान्यता मिल सकेगी।
संगठन का मानना है कि पत्रकार सत्यापन समिति के गठन से न केवल पारदर्शी और व्यवस्थित सत्यापन प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, बल्कि मीडिया जगत में कार्यरत उन पत्रकारों को भी राहत मिलेगी जो लंबे समय से सरकारी मान्यता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इम्वा ने उम्मीद जताई है कि उपराज्यपाल इस विषय की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि राजधानी के पत्रकारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।


