नई दिल्ली, 5 अगस्त- नोएडा स्थित सीआरसी ग्रुप ने “लेट्स ब्रिंग बैक द जॉय ऑफ रीडिंग” नाम से एक वैश्विक सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को दोबारा पुस्तकों से जोड़ना, पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना और किताबों को जीवनभर सीखने का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान का शुभारंभ अभिनेत्री, लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता गुल पनाग की उपस्थिति में किया गया, जिसमें शिक्षा, साहित्य और प्रकाशन जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

आज के दौर में, जब डिजिटल माध्यम लोगों के जानकारी हासिल करने और सीखने के तरीकों को तेजी से बदल रहे हैं, ऐसे समय में ‘लेट्स ब्रिंग बैक द जॉय ऑफ रीडिंग’ अभियान का उद्देश्य हर आयु वर्ग के लोगों को फिर से पुस्तकों की ओर आकर्षित करना और पढ़ने के स्थायी महत्व को समझाना है। इस पहल में बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है, लेकिन इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छात्र, परिवार, शिक्षक, पेशेवर और समाज के सभी वर्ग इससे जुड़ सकें तथा पढ़ने को अपने दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक हिस्सा बना सकें।
सीआरसी ग्रुप के फाउंडर एवं सीईओ कुणाल भल्ला ने कहा कि कंपनी का मानना है कि वास्तविक विकास केवल इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, जिज्ञासा और जागरूक समाज का निर्माण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से लोगों को पढ़ने की आदत अपनाने और सीखने को जीवनभर की यात्रा के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सीआरसी ग्रुप के बिजनेस मैनेजमेंट एवं मार्केटिंग डायरेक्टर सलिल कुमार ने कहा कि गहराई से पढ़ने की आदत कल्पनाशक्ति, रचनात्मक सोच और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। उनका कहना था कि यह पहल हर आयु वर्ग के लोगों को पुस्तकों से जोड़ने और पढ़ने को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इस अवसर पर अभिनेत्री गुल पनाग ने कहा कि पुस्तकें सोच को व्यापक बनाती हैं, समझ को गहरा करती हैं और विभिन्न पीढ़ियों को जोड़ने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में पढ़ने की आदत पहले से अधिक जरूरी हो गई है।
सीआरसी ग्रुप इस अभियान के तहत देश और विदेश के कई शहरों में कार्यशालाएं आयोजित करेगा। पहले चरण में यह पहल नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, अहमदाबाद, लखनऊ, गोरखपुर, इंदौर, हैदराबाद के साथ-साथ दुबई, सिंगापुर, लंदन, न्यूयॉर्क, इटली और मॉस्को तक पहुंचेगी। अभियान में लेखक, प्रकाशक, शिक्षण संस्थान और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भी सहयोग करेंगी।


