नई दिल्ली,दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) के रोमांचक मुकाबलों के बीच क्रिकेट प्रेमियों को उस समय एक विशेष क्षण देखने को मिला, जब भारतीय क्रिकेट के महान ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली द्वारा सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह मैच के दौरान आयोजित किया गया, जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के बीच उत्साह का माहौल पैदा कर दिया।
सम्मान समारोह में रोहन जेटली ने हरभजन सिंह को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए भारतीय क्रिकेट में उनके शानदार योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से देश का नाम विश्व क्रिकेट में ऊंचा किया है और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। इस दौरान खिलाड़ियों, डीडीसीए अधिकारियों और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
हरभजन सिंह की मौजूदगी ने दिल्ली प्रीमियर लीग के आकर्षण को और बढ़ा दिया। भारत के लिए कई यादगार मुकाबले खेलने वाले हरभजन ने अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी उपस्थिति युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रही, जिन्हें अपने आदर्श क्रिकेटर से मिलने और उन्हें करीब से देखने का अवसर मिला।
दिल्ली प्रीमियर लीग का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धी क्रिकेट कराना ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों को देश के दिग्गज क्रिकेटरों से जोड़ना और उन्हें सीखने का अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसी सोच के तहत समय-समय पर भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ियों और नामचीन हस्तियों को टूर्नामेंट में आमंत्रित किया जा रहा है। हरभजन सिंह का सम्मान भी इसी पहल का हिस्सा माना जा रहा है।
इस अवसर ने एक बार फिर साबित किया कि दिल्ली प्रीमियर लीग अब केवल एक घरेलू टी-20 प्रतियोगिता नहीं रह गई है, बल्कि यह देश के प्रमुख क्रिकेट आयोजनों में अपनी मजबूत पहचान बना रही है। टूर्नामेंट में लगातार बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी, रोमांचक मुकाबले और क्रिकेट जगत की जानी-मानी हस्तियों की भागीदारी इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
गौरतलब है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के तीसरे सीजन में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ क्रिकेट के दिग्गजों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हरभजन सिंह का सम्मान इस टूर्नामेंट के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया, जिसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच लीग की प्रतिष्ठा को और अधिक मजबूत किया।


