नालियां जाम, सड़कों पर घुटनों तक पानी; घरों और दुकानों में घुस रहा सीवर का गंदा पानी
नई दिल्ली: पटेल नगर क्षेत्र में पिछले करीब दो वर्षों से बदहाल नागरिक सुविधाओं ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ईस्ट पटेल नगर, पटेल नगर मार्केट सहित क्षेत्र के कई ब्लॉकों में नालियों की सफाई नहीं होने, सीवर व्यवस्था चरमराने, जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या से लोग लगातार परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
क्षेत्र के ब्लॉक 40, 42, 43, 47 और 49 समेत कई अन्य इलाकों में नालियां और सीवर लाइनें जाम होने की शिकायत सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीवर का गंदा पानी कई स्थानों पर सड़कों पर बहता रहता है और बारिश के दौरान स्थिति और भी विकट हो जाती है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और गंदा पानी घरों तथा दुकानों में घुस जाता है।
पटेल नगर मार्केट और आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव इतना अधिक हो जाता है कि कई जगह सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पानी दुकानों के अंदर तक पहुंचने से सामान खराब होने और कारोबार प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
निवासियों का कहना है कि जलभराव के कारण सड़क पर बने गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्र में जल निकासी की समस्या के साथ-साथ कई सड़कें भी लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन सड़कों से गुजरना महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से मुश्किल हो गया है। उनका दावा है कि गड्ढों के कारण आए दिन लोग संतुलन खोकर गिरते हैं और चोटिल होते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि टूटी सड़कों और सीवर के गंदे पानी की समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के साफ-सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
निवासियों के मुताबिक उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों के समक्ष कई बार समस्या उठाई है। नालियों की सफाई, सीवर लाइनों की मरम्मत, जलभराव से निजात और टूटी सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग लगातार की जाती रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब दो वर्ष बीतने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
लोगों का कहना है कि कभी-कभार सफाई या अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद समस्या फिर उसी स्थिति में पहुंच जाती है। ऐसे में स्थानीय निवासी स्थायी ड्रेनेज और सीवर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
बदहाल नागरिक सुविधाओं से नाराज स्थानीय निवासियों ने अब समस्या के समाधान के लिए सात दिन का समय देने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि सात दिनों के भीतर नालियों, सीवर, जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराएंगे।
निवासियों के मुताबिक वे क्षेत्रीय विधायक और निगम पार्षद के साथ-साथ मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल कार्यालय तक अपनी शिकायत पहुंचाएंगे। इसके अलावा जनसमस्या को मीडिया के माध्यम से भी प्रमुखता से उठाने की चेतावनी दी गई है।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि क्षेत्र की सभी नालियों और सीवर लाइनों की तत्काल व्यापक सफाई कराई जाए, जर्जर सड़कों की मरम्मत की जाए और बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि पटेल नगर के लोगों को हर बारिश में जलभराव और सीवर के गंदे पानी की समस्या से न जूझना पड़े।


