Wednesday, August 12, 2026
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भारत का फार्मा सेक्टर तेजी से बदल रहा—जेनेरिक्स हब से ‘इनोवेशन पावरहाउस’ बनने की ओर ग्रेटर नोएडा में CPHI & PMEC India Expo की भव्य शुरुआत

ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर — दक्षिण एशिया के सबसे बड़े फार्मास्युटिकल एक्सपो CPHI & PMEC India के 18वें संस्करण का आज इंडिया एक्सपो सेंटर में भव्य उद्घाटन हुआ। यह आयोजन भारत के फार्मा उद्योग में बड़े परिवर्तन का संकेत दे रहा है—जहां भारत अब मात्र जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक भर नहीं, बल्कि वैश्विक इनोवेशन लीडर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा आयोजित यह प्रतिष्ठित एक्सपो इस बार और भी व्यापक है। 120 से अधिक देशों से आए 2,000 से अधिक प्रदर्शक और 50,000 से ज्यादा प्रतिभागी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने, जिसमें फार्मा मशीनरी, पैकेजिंग, उन्नत लैब टेक्नोलॉजी, API, बायोटेक और अनुसंधान से जुड़े समाधान प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम में शामिल सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के संयुक्त औषधि नियंत्रक डॉ. आर. चंद्रशेखर ने कहा कि भारत तेजी से एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा:“भारत जेनेरिक्स पर आधारित फार्मा सिस्टम से निकलकर इनोवेशन-ड्रिवन मॉडल की ओर बढ़ रहा है। अब बायोसिमिलर्स, पेप्टाइड्स, जटिल जेनेरिक्स और नेक्स्ट-जनरेशन बायोलॉजिक्स पर फोकस है। सरकार की 1,00,000 करोड़ रुपये की हॉस्पिटल फाइनेंस योजना R&D को बड़ा वित्तीय आधार देती है।”

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले पाँच वर्षों में भारत “दुनिया की फार्मेसी” से आगे बढ़कर एक इनोवेशन-लीड फार्मास्युटिकल राष्ट्र बन सकता है।

फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) के अध्यक्ष नामित जोशी ने उद्योग को दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी।

उन्होंने कहा:“दुनिया का फार्मा परिदृश्य बदल चुका है। भारत को केवल सस्ती जेनेरिक दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए; भविष्य वैल्यू-आधारित इनोवेशन का है। नई तकनीकों, जटिल दवाओं और अनुसंधान पर निवेश बढ़ाना होगा।”

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स ऑफ इंडिया (OPPI) के महानिदेशक अनिल माताई ने भारत के तेजी से बदलते फार्मा माहौल की सराहना की।
उन्होंने कहा: “भारत दुनिया की फार्मेसी बन चुका है, लेकिन अब लक्ष्य इससे बड़ा है—सच्चा फार्मा पावरहाउस बनना। इसके लिए पारदर्शी नियम, मजबूत बौद्धिक संपदा संरक्षण और पेटेंट उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है।”

इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने बताया कि भारत का फार्मा उद्योग अब विश्व स्तर पर पहले से कहीं अधिक मजबूत है।
उन्होंने कहा:“भारत के फार्मा निर्यात बढ़कर 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुके हैं। दुनिया की लगभग आधी लाइफ साइंस वैश्विक कंपनियों ने भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज की है। देश अब जटिल फॉर्मुलेशन, बायोलॉजिक्स और उन्नत उपचारों के विकास में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”

CPHI & PMEC India Expo में नवीनतम तकनीक, अत्याधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग समाधान, डिजिटल लैब सिस्टम और उभरते बायोटेक इनोवेशन प्रदर्शित किए गए। उद्योग के दिग्गजों, स्टार्टअप्स, वैज्ञानिकों और निवेशकों के बीच संवाद और साझेदारी के नए रास्ते खुले।

एक्सपो का उद्घाटन यह संदेश देता है कि भारत अब केवल जेनेरिक्स का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक फार्मा इनोवेशन का मजबूत स्तंभ बनने की दिशा में अग्रसर है। बढ़ते निवेश, आधुनिक अनुसंधान, बायोलॉजिक्स और जटिल फॉर्मुलेशन पर फोकस—ये सभी मिलकर भारत को भविष्य का फार्मा इनोवेशन हब बना रहे हैं।

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